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Maj Gen Nilendra Kumar | Posted: 22 Aug 2023
Careers in Law

मेरीदृष्टि में कानून और इन्साफ (लॉ एंड जस्टिस) का पढ़ाना केवल कक्षा में किताबी ज्ञान का बखान नहीं है। यह केवल थ्योरी तथा केस लॉ के उल्लेख एवं स्पष्टीकरण तक सीमित नहीं है। कानून की डिग्री एक प्रोफेशनल डिग्री है बेशक तीन वर्ष की हो या पाच साल की। यह हर नजर में इंजीनियरिंग, मेडिसिन, डेंटिस्ट्री, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर आदि के समान और समकक्ष है। अभिभावक गण भी अपने लड़के लड़कियों को लॉ कॉलेज में केवल एक कैरियर के लिए तैयार होने के अरमान से भेजते हैं।

अतः विधि प्राध्यापकों का उत्तरदायित्व कक्षा में थ्योरेटिकल नॉलेज का बेस देते हुए छात्रों को उस विषय के एप्लीकेशन तथा प्रैक्टिस में  सक्षम करना है। उन्हें यह प्रशिक्षण देना अनिवार्य है कि उस विषय  (उदाहरण के लिए कॉन्ट्रैक्ट, फैमिली ला, क्रिमिनल लॉ, सिविल लॉ, एनवायरमेंटल लॉ, लीगल रेमेडीज, इंटरनेशनल लॉ आदि) में किस प्रकार उस विषय का उपयोग किया जाना चाहिए।‌ उन छात्रों को ही यह भी समझाना जरूरी है कि आत्मनिर्भर होने की दृष्टि से क्या स्किल जरूरी हैं तथा क्या कैरियर उपलब्ध हैं ?

इसमें कोई संदेह नहीं है कि बड़ी संख्या में आज कानून के शिक्षक इस दृष्टि से सक्षम नहीं हैं। लेकिन उनके सामने यह एक आवश्यकता है और चुनौती भी। विधि के प्राध्यापकों के अतिरिक्त उन कॉलेजों के मैनेजमेंट, बार काउंसिल ऑफ इंडिया तथा यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के  इस संबंध में सामूहिक प्रयास और संकल्प भी परम‌ आवश्यक है।

लेक्स कॉन्सिलियम फाउंडेशन वीडियो चैनल की प्ले लिस्ट 'कैरियरस इन लॉ' कानून के छात्रों के लिए बधाई गई है। इस प्लेलिस्ट का उद्देश्य तीन वर्ष या पांच वर्ष की डिग्री के लिए पढ़ने वाले छात्रों को  जानकारी देनी है कि उनके लिए बाद में क्या कैरियर उपलब्ध हैं ? उनके बारे में विस्तार  से बताना है। यह जरूरी है कि अपने कैरियर का चुनाव स्टूडेंट्स जल्दी करें। तब ही वह अपनी  इच्छानुसार  कैरियर के अनुरूप विशेष ध्यान दे सकेंगे। उसके अनुसार ही इंटर्नशिप कर सकेंगे।


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